दत्तप्रिय रागः – नादाभिषेकः
सगम पनिस - सनिदपमगसा
पल्लवी चतुरस्र (संस्कृतम्) ಚತುರಸ್ರ
आनन्दा – चिदानन्दा – सच्चिदानन्दा
अवधूत दत्तपीठाधिप श्री गणपति सच्चिदानन्दा ....
अनुपल्लवि – चतुरस्र/ तिस्र (तमिळ)- ತಿಸ್ರ
अनुपल्लवि - तिस्र (कन्नड)- ತಿಸ್ರ
ब्रह्मप्रिय विष्णुप्रिय - रुद्रप्रिय नीने वेदप्रिय नादप्रिय सर्वप्रिय नीने...
नोड बयसि नॆनॆसिदरॆ, कृपॆय तोरुवे दरुशन - शरणव कॊडिसलु, सच्चिदानन्दा
करुणॆय बेडुवॆ गणपति - सच्चिदा..नन्दा
चरणम् 1 - खण्ड (तॆलुगु)
सुलभमुगने दॊरकदु कदा सुकृतभरमिदिगा गुरुरूपमु
(ऎंतो महोन्नतं गुरुकीर्ति शिखरं –म रॆंतो गभीरं – गुरुकरुणसंद्रं)
(ऎत्तुलन्नीपन्नि, पै ऎत्तुलनु वेसि ऎत्तुलॆक्कालंटॆ- सद्गुरुवॆ शरणु)
इललो गुरुवे दोरकेनु मनकी गणपति सच्चिदानन्दा
चरणम् 2 - खण्ड (हिन्दी)
सद्गुरु.. मेरी … कामनापूर्ति कीजिए अपने … शरण की लब्धि
देदे हरपल सुमिरन गणपति सच्चिदानन्दा
(वचसधर्म पथसे ही … जिन्दगीभर्ती प्राप्त हो जाए मुझे
गुरुदेवता दृष्टि….)
(सद्गुरु मुझे देँ कामनापूर्ति जैसे मुझे हो कर्तव्य भर्ती (पूर्ति)
वह भी मिलाये जिन्दगी पूर्ति तत्त्वार्थ चिन्ता स-दानन्द मूर्ति)
चरणम् 3 - मिश्र (संस्कृतम्) ಚತುರಸ್ರ
उद्धर्तुकाम- नाया.मुदीर्ण-बोधना सच्चिदानन्दा गणपति .. सच्चिदानन्दा
(सर्वंसहोसि– शातातपा म-होदार सच्चिदानन्द गणपति .. सच्चिदानन्दा)
मनसि रहसि तपसि शिरसि ते – नामास्तु सच्चिदानन्द – गणपति .. सच्चिदानन्द
(तुदसि मनसि-जगण-रयभरं - करुणया सच्चिदानन्द – गणपति .. सच्चिदानन्द)
लससि मनसि- सदय .. विमल धिषण वितनु .. नादाभिषेकं
रुचिर गीत सुभगं - ललित भाव सुधियं .. नादाभिषेकं